मौन क्यु है, प्रखर प्रवक्ता
एक बेटी के बलात्कार पर
एक माॅ की चीत्कार पर
शब्द नही या शर्म नही,
समर्थक हैं अत्याचारी के
मौन क्यों है प्रखर प्रवक्ता
प्रशासन के अत्याचार पर,
जाती के अहंकार पर
गलती इस मासूम की वो
उस भारत की बेटी थी,
जहां का मुखिया मौन है,
बेटी से नाइंसाफी पर
क्या ये गांधी का भारत है?
या हिटलर की परछाईं है!!!
एक बेटी के बलात्कार पर
जातिवाद भारी है!!
मौन क्यू है , प्रखर प्रवक्ता
गुप्त शव दाह पर
आत्मा के भी बलात्कार पर
नहीं सहेंगे अब ये चुप्पी
नारी समता की बात है
रावण भी जब बच ना पाया
तो किसी की क्या बिसात है
तोड़ो चुप्पी वो दलित नहीं
इस भारत की बेटी है
बेटी तो बेटी होती है
दलित या सवर्ण नहीं होती।
मौन तोड़ो प्रखर प्रवक्ता
जनता को इंतजार है।
No comments:
Post a Comment